रविवार, जनवरी 30

बापू की राह पर चलना

बापू की राह पर चलना,
बहुत मुश्किल लगता है...

किसी की गाली का जवाब,
चुप रह कर देना बहुत मुश्किल लगता है...

किसी के थप्पड़ का जवाब,
दूसरा गाल आगे कर के देना बहुत मुश्किल लगता है...

पर मेरे दोस्त सोचो तो जरा बापू की रह पर चलना,
नामुमकिन तो नहीं लगता है ...

......दीन दयाल

2 टिप्‍पणियां:

  1. नामुमकिन कुछ भी नहीं.....सुन्दर.

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  2. नामुमकिन नहीं है मुश्किल है मेरे दोस्त......

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