शनिवार, अक्टूबर 12

रामलीला

आज भी रामलीला का मंचन करने वालों को एक बात का सकून होगा कि देश के नेता को वोट मिले न मिले, जनता को राशन मिले न मिले, नहर को पानी मिले न मिले, किसान को खाद बीज मिले न मिले, मजदूर को मजदूरी मिले न मिले, बच्चों को किताबें मिले न मिले पर रामलीला का मंचन करने वालों को दर्शक हर साल भरपूर मिल ही जाते है।


शुक्रवार, अक्टूबर 11

अल्लाह वालों राम वालों

धर्म के ठेकेदारों ने अपने निजी स्वार्थ में मजहब की दीवारें खड़ी की हैं..... सियासत करने वाले भी इन दीवारों का इस्तेमाल अपने हित में करते हैं ... नतीजा ...  नफरत, कत्लेआम और खून खराबा ... अब जरुरत है ऐसे नापाक इरादे वालों को पहचानने की और उन्हें नकारने की ... गुरुदास मान के गीत, कुछ पेपर क्लिपिंग्स, पोस्टर और चित्रों की मदद से हमारी कोशिश है कि देश में हर तरफ अमन चैन हो और हमारी गंगा जमुनी तहजीब बची रहे.... आमीन ....

मंगलवार, अक्टूबर 8

प्राथमिक विद्यालय मोलनापुर में बच्चों के साथ

प्राथमिक विद्यालय मोलनापुर, वाराणसी जिले के चोलापुर ब्लाक में है। बच्चों से बातचीत करके उनसे कुछ चित्र बनाने का आग्रह किया।   










बच्चों के बनाये चित्र कभी और लगाऊंगा। 

शनिवार, सितंबर 28

आज भगत सिंह का जन्मदिन है

आज भगत सिंह का जन्मदिन है, अरे वही भगत सिंह जो पूर्ण आज़ादी की बात करता था, अरे भाई वही भगत सिंह जो मजदूरों, किसानों और हर उस आदमी की आज़ादी की बात करता था जो समाज के सबसे निचले स्तर पर जीवन यापन करने के लिए रोज लड़ता-मरता रहता है।

गुरुवार, सितंबर 12

भगवान और अल्लाह

लोग भगवान और अल्लाह के नाम पर एक दूसरों को मार काट रहे है और एक मेरा दिमाग है कि भगवान और अल्लाह को मानने के लिए तैयार नहीं है और मेरा दिल कहता है की मै उसको मानने के काबिल नहीं हूँ.…

अगर भगवान और अल्लाह को मानने पर लोगों को मारना काटना पड़ता है तो मै शुक्रिया कहना चाहता हूँ अपने दिल और दिमाग को …

बुधवार, अगस्त 14

कि हर कोई आज़ाद है …

कल हर जगह झण्डे फहराये जायेंगे
कल हर जगह लड्डू बाँटें जायेंगे
कल हर कोई किसी न किसी को बधाई दे रहा होगा
कल हर कोई एक झूठ को जी रहा होगा
कि हर कोई आज़ाद है.…
कि हर कोई आज़ाद है …

मंगलवार, जुलाई 23

'प्राइमरी स्कूल'

वो बस्ता.... वो पटरी...
दुधिया... और स्याही...
वो मुंशी जी की चपत...
औ पंडी जी की डांट...
वो मास्साब का टोकना...
कि... कैसे नहाते हो?
यहां मैल बैठा है...
वहां मैल बैठा है...
वो पन्द्रहअगस्त और छबिच्जन्वरी...
वो लड्डू का लालच... और प्रभात फेरी...
शनिवार की बालसभा...
इतवार की छुट्टी...
पल भर में मिल्ली औ...
पल भर में कुट्टी...
दू के दू और दू दुनी चार....
पूरा सुनाने पे गुरूजी का प्यार...
बहुत याद आता है...
अपना पहला स्कूल....
कैथी गाँव का......

'प्राइमरी स्कूल' .................वल्लभ (जुलाई १९८९)

मंगलवार, जुलाई 16

कहो "कुपोषण भारत छोड़ो"

आजकल अभिनेता आमिर खान को भारत से कुपोषण हटाने का जिम्मा या कहे तो ठेका मिला हुआ है, वह दूरदर्शन पर हर 15 मिनट में लोगों को बताते रहते है की कैसे कुपोषण को दूर भगाना है जिसमे वह कहते है की लड़की की शादी 18 साल के बाद करना है। कुछ युवा भी आमिर के साथ दीखते है जो सपथ लेते है की वह 18 साल और इससे बड़ी लड़की से ही शादी करेंगे। 6 महीने तक बच्चे को माँ का दूध देना है। ऐसे की कई तरीके बताते है।

मेरे पास भी एक तरीका है जिससे कुपोषण ख़त्म हो या न हो पर कम जरुर हो जायेगा। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाले आहार सही में उनको दिया जाये और इस आहार की काला बाजारी रोकी जाये।

आमिर जी आपको शायद ये कारण बताने से रोका गया होगा चलिए मैंने बता दिया है। मै भी भारत से कुपोषण हटाना चाहता हूँ पर टेलीविज़न पर नहीं बल्कि जमीनी हकीकत पर।


क्या आप सभी मेरे साथ है ??

रविवार, जून 16

बहाना तो समर कैंप का है

बहाना तो समर कैंप का है
असल में अपने साथियों के संग खिलखिला कर मुस्कुराना है
छोटो को हँसाना है, बड़ो को सिखाना है
समर कैंप तो एक बहाना है

कागज का सिपाही और दफ्ती की रानीबड़ी निराली थी 
नानी ने सुनाई कभी हमको ये कहानी थी