शुक्रवार, अगस्त 26

अन्ना तुम संघर्ष करो, अपना स्कूल के बच्चे भी तुम्हारे साथ है....

आज दोपहर को अपना स्कूल पनकी पड़ाव के बच्चों ने अन्ना हजारे के समर्थन में रैली निकली.

गुरुवार, अगस्त 18

अन्ना तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ है.....

अन्ना के समर्थन में कल शाम 6:30 बजे नानकारी प्रधान गेट से आई आई टी कानपुर के मुख्य गेट तक  रैली का आयोजन किया गया.....




















सोमवार, अगस्त 15

फिर कैसी आजादी है ?????

भ्रष्ट नेताओं की सरकार, बेबस प्रजा खड़ी लाचार...
हर तरफ बर्बादी है, फिर कैसी आजादी है ????
गुजरात में दंगो की दरकार, असम में माओवाद पुकार...
कश्मीर में आतंकवादी है, फिर कैसी आजादी है ?????
- आदिल

गुरुवार, अगस्त 11

लुटने वालों, तुम लुटते रहो...

लुटने वालों, तुम लुटते रहो,
हम तो चुपचाप सब देखेंगे...
तुम से ही ये देश चल रहा है,
तुम पर ही ये अर्थव्यस्था टिकी है.....
पर अरे ये क्या हुआ कुछ लूटने वाले पकडे गए,
कुछ गड़बड़ी पकड़ी गयी...
अरे - अरे देखो देश की अर्थव्यस्था गिर रही है,
देश का विकास तो रुक सा ही गया...
सत्यानाश हो इन लूटने वालों को पकड़ने वालों का,
देश को पीछे धकेलने वालों का....

...दीन दयाल सिंह

मंगलवार, अगस्त 9

क्या लगेगा???

श्याम की माँ की बहन का भाई श्याम का रिश्ते में क्या लगेगा???


सोमवार, अगस्त 8

हाथी और चींटी का सवाल ??

एक बार एक हाथी और एक चींटी लुका छिपी का खेल खेल रहे थे. चींटी मंदिर में जाकर छिप गयी लेकिन हाथी ने उसे तब पर भी खोज लिए. बताओ कैसे????

सोनू का सवाल ........

वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन है.........

रविवार, अगस्त 7

टोनू का सवाल............

वृक्ष के तनों में रहने वाले को क्या कहते है.???????

एक प्यारा सा सवाल......

राकेश उत्तर की तरफ चल रहा है, चलते चलते वह अपने बाएं में मुड़ गया और कुछ दूर गया उसके बाद वह फिर बाएं मुडा और चलने लगा. अब वह किस दिशा में चल रहा है ??????

है ना मजेदार सवाल देखते है कितने लोग इसका सही जवाब देते है.........

शुक्रवार, जुलाई 22

बहाना तो समर कैंप का था

बहाना तो समर कैंप का था
असल में अपने साथियों के संग खिलखिला कर मुस्कुराना था.
छोटो को हँसाना था, बड़ो को सबक सिखाना था.
समर कैंप तो एक बहाना था.......

कागज का सिपाही और दफ्ती की रानी
बड़ी निराली थी 
नानी ने सुने कभी हमको ये कहानी थी
लेकिन समर कैंप में हमे मस्ती ही मस्ती में उनकी याद दुबारा आई....
 
 

 

शनिवार, जून 25

समर कैंप - 2011

आशा संस्था द्वारा बनारस के  कैथी गाँव मे बच्चों का समर कैंप आयोजित किया गया, दिनांक (15 जून से २० जून) तक . बच्चों ने कैंप में विभिन्न गतिविधियाँ की. यहाँ कानपुर, लखनऊ, बनारस, नौगड़ आदि जगहों के बच्चो ने भाग लिया.
पहला दिन --- गीत, संगीत, पेंटिंग और रात में खूब डांस हुआ.
दूसरा दिन --- सजावट की बहुत सारी वस्तुओ की जानकारी दी गयी. जिसमे बच्चो की खासी रूचि थी. इसी दिन न्यूज़ पेपर के  बारें मे भी विस्तार से  बताया गया. न्यूज़ पेपर के बारें जानने के  लिए बच्चे खूब उत्त्साहित रहे.
 न्यूज़ पेपर के बारें में इन बिन्दुओ पर चर्चा हुई.
१-- अखबार के बारे में जाना की अखबार की क्या जरुरत है,
२-- अखबार कैसे और किस लिए  निकाला जाना चाहिए.
इसके अलावा समर कैंप में बच्चो ने रोजाना अपना पेपर निकाला. इसके लिए करीब 5  अखबार निकलने की टीम बन गयी, अखबार के नाम थे - समर कैंप धमाका, समर कैंप की खबरें, कैथी की पहल, कूल कैंप धमाका, समर कैंप की जानकारी. 
तीसरा दिन --- इस दिन बच्चों के नाटक की कार्यशाला का आयोजन किया गए. बच्चों को नाटक के बारे में विभिन्न बातें पता चली और बच्चों ने कई ग्रुप में बाँट कर छोटे छोटे नाटक भी तैयार किये.
चौथा दिन --- बच्चों ने कागज से विभिन्न प्रकार की टोपी, और भी कई चीजे बनाना सीखी जैसे कागज से कमीज़ बनाना, तोप बनाना, उड़ने वाली चिड़िया बनाना आदि चीज़े बनाना सीखी. शाम को सभी बच्चे

पाचवां दिन--  बच्चों ने कठपुतली बनाना और उसको चलना सीखा. बच्चों के कई ग्रुप में बाँट

इस कैंप के बारें में बच्चो की राय अति आवश्यक है

कानपुर के चन्दन के कहना है.....

कठपुतली बनाने और चलने में खूब मज़ा आया. साथ ही गंगा नदी में नाव से घूमने का अपना ही मज़ा था.

बनारस के दूर दराज इलाके से आने वाले मुसहर समुदाय के बच्चो का उत्त्साह तो देखते ही बनता था.
गोविंदा ने बहुत सरमाते हुए कहा---- नईया डगमग डगमग दोल्लती है......
इन बच्चो मे इनके समुदाय के रीति रिवाज व सादर सत्कार की अनोखी परम्परा देखने को मिली. पूरे कैंप मे जह़ा आने वाले तमाम बच्चे मौज मस्ती कर रहे थे वही शर्मीले सुभाव के ये बच्चे खाना खिलाने में मशगूल रहते थे.