बचपन के रंग में हम अपनी बातों, अपनी कोशिश और अपने विचारों को रख कर आप तक पहुँचाना चाहते है.
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शुक्रवार, मार्च 18
बच्चों के चित्र
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शनिवार, जनवरी 15
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
..........................................हरिवंशराय बच्चन
सूरज का चित्र
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सोमवार, जनवरी 10
दुर्गा का चित्र
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शनिवार, जनवरी 8
सरवन का चित्र
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सोमवार, जनवरी 3
दुर्गा का चित्र
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रविवार, जनवरी 2
कविता : मिट्ठू राम
मिट्ठू राम
करता नहीं जरा सा काम,
कुतर-कुतर कर खाता है...
सुबह से हो जाती है शाम,
मेरा प्यारा मिट्ठू राम...
करता नहीं जरा सा काम,
कुतर-कुतर कर खाता है...
सुबह से हो जाती है शाम,
मेरा प्यारा मिट्ठू राम...
लेखक : समीरन खातून
अपना स्कूल
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गुरुवार, दिसंबर 30
लक्ष्मी का चित्र
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बुधवार, दिसंबर 29
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मंगलवार, दिसंबर 28
सोमवार, दिसंबर 27
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रविवार, दिसंबर 26
सोमवार, नवंबर 29
कविता: भालू भइया मंत्री बन गए .....
भालू भइया मंत्री बन गए
जंगलवासी सुनो एक ख़बर,
करना ना कोई अगर - मगर....
लोमड़ी एक दिन रोती आई,
शेर से अपनी बात बताई....
शेर ने पूछा क्या हो गया,
लोमड़ी बोली पूँछ कट गया....
शेर ने झट डाक्टर बुलवाया,
दौड़ के डाक्टर जल्दी आया....
डाक्टर थे भाई भालू लाला,
ढूंढ़ के फेविक्युक ले आया....
झट से उसके पूँछ में लगाई,
लोमड़ी रानी खूब चिल्लाई....
उसकी झट से पूँछ जुड गई,
डाक्टर भालू की चर्चा फ़ैल गई....
शेर राजा झूम के गाये,
लोमड़ी रानी खुशी से नाचे....
शेर राजा खुश हो गए,
भालू भइया मंत्री बन गए....
जंगलवासी सुनो एक ख़बर,
करना ना कोई अगर - मगर....
लेखक: मुकेश कुमार
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शनिवार, नवंबर 27
कविता: लालू भइया ........
लालू भइया ........
लालू भइया बड़े दयालू,
खाते जाते हरदम आलू....
घर में पहुंचे बन गए भालू,
इसलिए हम कहते लालू....
लालू भइया बड़े दयालू,
उनके दोस्त है मोटे कालू....
लालू जम के खाते अंडा,
खूब लहराते देश का झंडा....
लालू भइया बहुँत है छोटे,
इसीलिए दिखते है मोटे. ..
लालू भइया बड़े है भोले,
रखते मुंह में पान के गोले....
लालू भइया बड़े दयालू,
दान में हरदम देते आलू....
लालू जब भी खाते आलू,
उनके घर में आता भालू....
लेखक: मुकेश कुमार
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शुक्रवार, नवंबर 19
कविता: चूहे राजा की रानी
चूहे राजा की रानी
एक चूहे की तीन रानी,
तीनों रानी बड़ी सयानी ...
एक थी कानी पर कोयल जैसी बाणी,
बाते करती ऐसी जैसी सबकी हो नानी...
एक थी लगडी सर पर डाले पगड़ी,
हट्टी -कट्टी और थी मोटी तगड़ी...
एक थी सीधी -साधी प्यारी सी,
राजा को लगती राजकुमारी सी...
दोनों रानी इस बात से चिढ़ती थी,
राज के कान को भरती थी...
एक दिन दोनों राजा के उपर गिर गई,
राजा की पूछ उनके वजन से दब गई...
कानी लगडी का वजन था ज्यादा,
चूहे राजा को याद आ गए दादा ...
दर्द ने राजा के गुस्से को भड़काया,
राजा ने रानी को घर से मार भगाया...
लेखक: आदित्य कुमार
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सोमवार, नवंबर 15
कविता: थाली और गिलास
थाली और गिलास
एक थी थाली एक था गिलास,
खाने में मिलते हरदम साथ...
हर घर में वे रहते साथ,
एक दूजे से करते बात...
एक दिन थाली की आई बारात,
चम्मच कटोरी जमके नाचे साथ...
दूल्हा बन ठुमके थे गिलास,
दोनों की शादी हो गई साथ...
एक थी थाली एक था गिलास,
खाने में मिलते हरदम साथ ....
लेखक: जमुना कुमार
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रविवार, नवंबर 14
कविता: पापा और बेटा
पापा और बेटा
पापा कहते है बेटा,
तुम भी पढ़ने जाया करो...
पढ़ लिख कर अच्छा काम करोगे,
जग में अपना नाम करोगे...
पापा कहते है बेटा,
तुम भी पढ़ने जाया करो...
पापा ने पूछा एक सवाल,
बेटा बोलो मेरे कमाल....
तुम कौन सा ऐसा काम करोगे,
जिससे जग में नाम करोगे....
मैंने काफी सोच के बोला,
अपना छोटा सा मुंह खोला....
पापा मै अच्छा इन्सान बनूँगा,
हर गरीब की मदद करूँगा....
जिससे उनका होगा काम,
जग में होगा मेरा नाम....
पापा कहते है बेटा,
तुम भी पढ़ने जाया करो....
लेखक: सागर कुमार
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शनिवार, नवंबर 13
कविता : चिड़िया रानी - चिड़िया रानी
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कविता: जल का न करे दुरूपयोग
जल का न करे दुरूपयोग
जल ही जीवन है हम सबका,
कभी न करे दुरूपयोग इसका....
जल बिन जीवन होगा कैसा,
बंजर धरती बिन प्राणी जैसा....
आओ हम मिल सरंक्षण करे इसका,
जल ही जीवन है हम सबका....
आओ मिल पानी की बूंद बचाए हम,
जीवन के सबको सुखी बनाये हम....
जल के दुरूपयोग को मिल रोके हम,
दुनिया के जीवन आगे बढाये हम....
जल का है महत्त्व बड़ा,
इससे ही हर चीज खड़ा...
जल का हम सब करते उपयोग,
इसलिए कभी न करे इसका दुरूपयोग.....
लेखक: धर्मेन्द्र कुमार
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