योजना आयोग का दफ्तर में हगने और मूतने के लिए 35 लाख रुपये खर्चा हो जाते है, और आम जनता को रहने के लिए एक झोपड़ी नसीब नहीं हो रही है. योजना आयोग के पदाधिकारी इस खर्च को सही बता रहे है. एक तरफ ये गाँव में शौचालय 1000 रुपये में बना देते है और दूसरी तरफ 35 लाख रुपये ये तो गलत बात है. काम दोनों में एक ही होना है, पर काम करने वाले अलग है. अब हमें तय करना है की जिस देश में लोग भूख से मर रहे हो, जिस देश में किसान आत्महत्या कर रहा हो, जिस देश में लाखों युवा बेरोजगार है उस देश की विकास के लिए योजना बनाने वाले कहाँ मूतेंगे और कहाँ हगेंगे ? चिंता मत करो जिस दिन देश की जनता हिसाब मागेगी उस दिन इनको दोनों के लिए खेत भी नसीब नहीं होगा.
बचपन के रंग में हम अपनी बातों, अपनी कोशिश और अपने विचारों को रख कर आप तक पहुँचाना चाहते है.
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गुरुवार, जून 7
सोमवार, मई 16
बिठूर यात्रा - 4
नानाराव पार्क घूमने के बाद हम सभी लोग बाल्मीकि आश्रम देखने के लिए निकले, बच्चो ने यहाँ पर वो जगह बहुत गौर से देखी जिसके बारे में ये कहा जाता है की उसी जगह पर सीता जी जमीन के अन्दर चली गयी थी. बाल्मीकि आश्रम से निकल कर हम सभी लोग सुधांशु आश्रम घुमाने के लिए निकले. आश्रम में बनी गुफा के बच्चों ने बहुत मज़ा किया और उसको दुबारा घुमने के लिए कहने लगे. आश्रम घुमने के बाद हम लोग घर की तरफ चल पड़े...
और हमारी यात्रा पूरी हुई.....
गुरुवार, मई 5
बिठूर यात्रा - 3
पत्थर घाट घुमाने के बाद हम सभी लोग ने भोजन किया. भोजन करने के बाद बाद हम सभी ने यहाँ कुछ खेलकूद किया और गंगा नदी का मज़ा लिया. फिर हम लोग यहाँ से लौट के अपनी गाडी में बैठ गए और नानाराव पार्क के लिए निकल पड़े, करीब 10 मिनट के बाद हम लोग नानाराव पार्क पहुँच गए. फिर हम लोग अंदर जाने का टिकट लिया जो की 5 रुपये का था, हम लोगो ने पूरे पार्क में घुमे और बच्चों ने पार्क में कुछ कविता सुने, के.यम.भाई ने नानाराव, बाजीराव पेसवा, रानी लक्ष्मी बाई के बारे में बच्चों को बताया.
कुछ तस्वीरें ...
कुछ तस्वीरें ...
शुक्रवार, फ़रवरी 11
भारत में आय का सही वितरण
आपने अतुल्य भारत में आय का सही वितरण जिसके द्वारा सरकार लोगों में फासले को कम करना चाहती है.
कही पर 224 रुपये दिन के तय है और वो भी पूरे नहीं मिलते है, मिलता है 70 से लेकर 150 तक जो जितना पा जाये और साथ में 12 से 15 घंटे काम, ठेकेदार की गालियाँ, उसके मार सब साथ में ही मिलता है............. और कही 700 से लेकर 3000 और (किसी-किसी की तो सोचना भी मुस्किल है) दिन का और वो भी पक्का है की मिलेगा ही मिलेगा........
कही पर 224 रुपये दिन के तय है और वो भी पूरे नहीं मिलते है, मिलता है 70 से लेकर 150 तक जो जितना पा जाये और साथ में 12 से 15 घंटे काम, ठेकेदार की गालियाँ, उसके मार सब साथ में ही मिलता है............. और कही 700 से लेकर 3000 और (किसी-किसी की तो सोचना भी मुस्किल है) दिन का और वो भी पक्का है की मिलेगा ही मिलेगा........
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